- 05.07.2025
शहर की भीड़ में अपनापन: दया के छोटे-छोटे कदम
🙌💗 बिल्कुल सही — और धन्यवाद कि आपने इन पंक्तियों को आखिर तक पढ़ा, कंक्रीट के जंगलों और भावनाओं की छिपी गलियों के पार! अगर आपका दिल इन पंक्तियों पर ज़रा भी धड़का है, तो आप पहले से ही सही रास्ते पर हैं।
