- 09.07.2025
हाथ बढ़ाने का हौसला: उम्मीद की नई इबारत
🤝 क्या होगा अगर – बस क्या होगा अगर – आज तुम किसी की ओर हाथ बढ़ाने की हिम्मत कर लो? किसी नाटकीय प्रदर्शन के ज़रिए नहीं, बल्कि एक सच्चे संदेश के साथ: “सुनो, मुझे अभी मुश्किल लग रहा है। क्या हम बात कर सकते हैं?” यह कमज़ोरी नहीं है। यह तो सबसे ऊँची बहादुरी का प्रतीक है। आखिर, सच कहें तो, सुपरहीरो भी तो दोस्तों को फोन करते हैं (🦸 वरना बैट-सिग्नल क्यों होता, है न?)
